अयोध्या, राम मंदिर आंदोलन और निर्माण से जुड़े चंपत राय आपातकाल के दौरान 18 महीने रहे थे जेल में

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अयोध्या, राम मंदिर आंदोलन और निर्माण से जुड़े चंपत राय आपातकाल के दौरान 18 महीने रहे थे जेल में

लखनऊ. अयोध्या राम मंदिर आंदोलन और राम मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बंसल (Champat Rai) इन दिनों चर्चा में हैं. चंपत राय उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना कस्बे के सरायमीर मोहल्ले के निवासी हैं. उनका जन्म 18 नवंबर, 1946 को रामेश्वर प्रसाद बंसल और सावित्री देवी के परिवार में हुआ था. पिता रामेश्वर प्रसाद जीवन के शुरुआती दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्य रहे.

बाद में चंपत राय भी संघ की कार्यपद्धति से प्रभावित हुए और युवावस्था में संघ के पूर्णकालिक सदस्य बन गए. पढ़ाई-लिखाई में तेज चंपत राय धामपुर के आर.एस.एम डिग्री कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर बन गये. कहा जाता है कि 25 जून, 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तब चंपत राय आर.एस.एम कॉलेज, धामपुर में प्रवक्ता थे. इस दौरान पुलिस जब उन्हें गिरफ्तार करने कॉलेज पहुंची तो चंपत राय प्रिंसिपल के कक्ष में बुलाए गये. उस वक्त वो कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे.

यह भी कहा जाता है कि प्राचार्य कक्ष में चंपत राय ने पुलिस से कहा कि वो घर से कपड़े लेकर कोतवाली पहुंच रहे हैं. अपने कहे के अनुसार बाद में वो कोतवाली पहुंचे थे जहां उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. जेल में लगभग 18 महीने रहने के बाद जब आपातकाल खत्म हुआ तो उनको रिहा किया गया. इसके बाद चंपत राय 1980-81 में अपना इस्तीफा सौंपकर संघ के प्रचारक बन गए. पहले जिला देहरादून, सहारनपुर में प्रचारक रहे, फिर वर्ष 1985 में मेरठ के विभाग प्रचारक रहे. 1986 में संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें विश्व हिंदू परिषद में प्रांत संगठन मंत्री बनाकर भेज दिया.

चंपत राय वर्ष 1991 में क्षेत्रीय संगठन मंत्री बनाकर अयोध्या भेज दिये गए. इसके बाद 1996 में वो वीएचपी के केंद्रीय मंत्री बनाए गए. 2002 में संयुक्त महामंत्री और फिर अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए. अविवाहित चंपत राय का अपने घर आना-जाना लगभग ना के बराबर है.

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