आज होगी GST काउंसिल की 43वीं बैठक, वित्तमंत्री कई अहम मुद्दों पर लगा सकती हैं मुहर

0
149
आज होगी GST काउंसिल की 43वीं बैठक, वित्तमंत्री कई अहम मुद्दों पर लगा सकती हैं मुहर

GST Council Meeting Update: जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक (GST Council) आज 11 बजे से होने वाली है. इस बैठक में कोविड 19 से जुड़े सामानों जैसे दवाइयों, टीकों और चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी रेट को कम करने के साथ ही पेट्रोल डीजल पर भी विचार किया जाएगा.

नई दिल्ली. जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक (GST Council) आज सुबह 11 बजे से होने वाली है. बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसकी अध्यक्षत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) करेंगी. करीब 8 महीने बाद हो रही जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. इस बैठक में कोविड 19 से जुड़े सामानों जैसे दवाइयों, टीकों और चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी रेट को कम करने के साथ ही पेट्रोल डीजल पर भी विचार किया जाएगा.

बता दें कि GST Council की अब बैठक 7 महीने बाद हो रही है. इससे पहले GST Council की बैठक अक्टूबर 2020 में हुई थी. 28 मई को होने वाली बैठक में कोरोनावायरस महामारी के कारण राज्यों हो रहे नुकसान के कारण राज्यों द्वारा मांगी जाने वाली फिस्कल सपोर्ट यानी आर्थिक मदद पर जीएसटी काउंसिल को फैसला करना पड़ सकता है

इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

>> जीएसटी काउंसिल को कोविड-19 की वैक्सीन को टैक्स में छूट देने के प्रस्ताव पर विचार होगा. अभी वैक्सीन पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है. कुछ राज्यों ने कोरोना की वैक्सीन को पूरी तरह टैक्स से मुक्त रखने या 0.1 फीसदी का मामूली टैक्स लगाने का सुझाव दिया है.

>> सरकार कोविड राहत के लिये राज्य सरकार या उसके द्वारा अधिकृत एजेंसी द्वारा भारत में फ्री डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इम्पोर्टेड ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर पर आईजीएसटी (IGST) छूट दे चुकी है.

>> आज होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी रिटर्न फाइलिंग को लेकर एक एमनेस्‍टी स्‍कीम की घोषणा की जा सकती है. इस स्‍कीम के दायरे में 01 जुलाई 2017 से लेकर अप्रैल 2021 तक के सभी लंबित GSTR-3B रिटर्न्‍स को शामिल किया जाएगा. सभी जीएसटी रजिस्‍टर्ड कारोबार को GSTR-3B रिटर्न दाखिल करना होता है

>> इसके अलावा जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल-डीजल पर भी चर्चा हो सकती है. केंद्र सरकार अलग-अलग मोर्चों पर कई बार कह चुकी है कि तेल के दाम काबू में लाने के लिए उसे जीएसटी के दायरे में लाना होगा. वित्तमंत्री इस बारे में राज्यों के विचार जानने के बाद आगे का रोडमैप तय कर सकती है.

>> राज्यों द्वारा फिस्कल सपोर्ट की डिमांड के साथ FY22 जीएसटी कम्पेंसेशन यानी जीएसटी क्षतिपूर्ति मुआवजा और GST रेट को लेकर भी फैसला होने की संभावना है. आपको बता दें कि जीएसटी रेवेन्यू में आई कमी की भरपाई के लिए FY21 में केंद्र सरकार ने एक फाइनेंसिंग मेथड पर सहमति बनाई थी. आगामी बैठक में इसे FY22 के लिए भी जारी रखने या नहीं रखने पर फैसला हो सकता है.

>> जीएसटी में दो स्लैब 12 फीसदी और 18 फीसदी को मर्ज करने का फैसला लंबे समय से अटका हुआ है. इस बैठक में इस पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here