कैसे अर्श से फर्श पर आ गए थेे तहलका के संपादक तरुण तेजपाल।

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कैसे अर्श से फर्श पर आ गए थेे तहलका के संपादक तरुण तेजपाल।

कैसे अर्श से फर्श पर आ गए थे तरुण तेजपाल,

देश के मशहूर पत्रकारों में से एक तरुण तेजपाल को अदालत से बड़ी राहत मिली है.तरुण तेजपाल को दुष्कर्म के मामले में गोवा सेशन कोर्ट में साढे 7 साल बाद सभी आरोपों से बरी कर दिया है. तरुण तेजपाल पर अपनी ही पत्रिका की एक महिला कर्मचारी ने गोवा के ग्रैंड हयात होटल की लिफ्ट में यौन शोषण करने का इल्जाम लगाया था. तरुण तेजपाल देश के नामवर पत्रकारों में शुमार किए जाते हैं.

भारत के सबसे प्रसिद्ध पत्रकारों में से एक तरुण तेजपाल ने कई जाने-माने अखबारों और पत्रिकाओं में दशकों तक काम करने के बाद सन् 2000 में मशहूर पत्रिका तहलका आरंभ की थी. जब भी इमानदार पत्रकारिता और खोजी पत्रकारिता का जिक्र होगा तो तरुण तेजपाल को किसी भी तरह से नजरअंदाज करना बेहद ही कठिन होगा. तरुण तेजपाल ने ना जाने कितनी ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित की है जो दूसरे पत्रकार करने से पहले सौ बार सोचते लेकिन तरुण तेजपाल एक के बाद एक स्टिंग ऑपरेशन करते चले गए. दरअसल तहलका की खासियत थी कि वह स्टिंग ऑपरेशन करती

तहलका के पत्रकार अपनी पहचान बदलकर छिपे कैमरे से आम जिंदगी में भ्रष्टाचार को उजागर करने का काम करते थे. अपनी कलम और खुफिया कैमरे से देश में तहलका मचाने वाले तरुण तेजपाल कब अर्श से फर्श पर पहुंच गए इसका शायद उनको भी आभास नहीं होगा. एक घटिया हरकत ने उन को बर्बाद करके रख दिया. उन पर इल्जाम लगा था अपनी ही टीम की महिला पत्रकार के यौन शोषण का. यह घटना 7 नवंबर 2013 को उस वक्त सामने आई थी जब गोवा के एक फाइव स्टार होटल में तहलका का थिंक फेस्ट चल रहा था तहलका के एडिटर इन चीफ और मशहूर पत्रकार तरुण तेजपाल समेट दुनिया के कई मशहूर चेहरे इसमें फेस्ट का हिस्सा थे और इन्हीं मशहूर चेहरों के बीच एक चेहरा उस गुमनाम लड़की का भी था जो आई तो थी इस फेस्ट में अपनी ड्यूटी निभाने लेकिन आरोप है कि उसके साथ उसके ही बॉस तरुण तेजपाल ने यौन शोषण किया था.जब यह मामला सामने आया तो एक बार को किसी को भी यकीन नहीं आया कि जिस पत्रकार की इमानदारी को देखकर ना जाने कितने पत्रकारों में ईमानदारी की भावना जगी होगी वह पत्रकार ऐसा भी कर सकता है.

दरअसल इस घटना के बाद पत्रकार तरुण तेजपाल का वह चेहरा समाज के सामने आया था जो अब तक किसी ने नहीं देखा था. आरोप था कि तरुण तेजपाल ने लिफ्ट के अंदर उस लड़की के साथ छेड़खानी की थी. पत्रकारिता को एक नया आयाम देने वाले तरुण तेजपाल एक जमाने में पत्रकारिता के मशहूर चेहरे थे स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से बड़े बड़े खुलासे उन्होंने किए. लेकिन पत्रकारिता के ऊंचे पायदान चढ़ने के साथ ही उन्होंने अपना कारोबार भी तेजी से फैलाया.करोड़ों के मालिक तरुण तेजपाल क्लब रिसॉर्ट के कारोबार में भी पांव पसार रहे थे लेकिन अचानक ही उनके सितारे उस घटना के बाद से गर्दिश में आ गए थे. बाद में यह खबरें भी सामने आई कि तहलका पत्रिका में काम करने वाले कई कर्मचारियों के सामने सैलरी न मिलने का संकट भी खड़ा हो गया.यहां यह कहना भी गलत नहीं होगा कि जब तक तरुण तेजपाल के सानिध्य में तहलका पत्रिका चलती रही तो उसकी बात ही अलग थी.

तरुण तेजपाल के नेतृत्व के बाद से वह पत्रिका एक तरह से नेतृत्वहीन हो गई और उसमें तरुण तेजपाल जैसे लोग नहीं रहे और इसीलिए लोगों का पत्रिका से मोहभंग हो गया वरना एक समय में इस पत्रिका को बड़ी दिलचस्पी के साथ पढ़ा जाता था और पत्रिका के के अंदर ऐसी-ऐसी स्टोरियां होती थी कि लोग दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो जाते थे.

तरुण तेजपाल किसी जमाने में ईमानदारी का दूसरा नाम हुआ करते थे कम से कम पत्रकारिता में तो उनको जो दर्जा हासिल था वह बड़े बड़े पत्रकारों को भी बेहद मुश्किल से मिलता होगा. लेकिन कहते हैं कि किसी का एक गुनाह उस पर कितना भारी पड़ जाए यह तरुण तेजपाल के मामले से आसानी से समझा जा सकता है. तरुण तेजपाल पर यौन शोषण का इल्जाम लगा था तो उन्होंने शुरू से ही खुद को बेकसूर बताया था. अदालत ने तरुण तेजपाल पर फैसला सुनाते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है.

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