कोरोना का तांडव: कोटा में मां की मौत के कुछ देर बाद बेटी ने तोड़ा दम, ग्रामीण सहमे

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कोरोना का तांडव: कोटा में मां की मौत के कुछ देर बाद बेटी ने तोड़ा दम, ग्रामीण सहमे

Horrific situation of corona in kota: कोरोना का तांडव थमने का नहीं ले रहा है. कोटा में कोरोना के कारण मां की हुई मौत के महज कुछ देर बाद ही उसकी बेटी ने भी दम तोड़ दिया. कोरोना के कारण मां-बेटी की एक साथ मौत होने से ग्रामीण खौफजदा हो गये हैं.

कोटा. ग्रामीण क्षेत्र में अब कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक (Corona’s dangerous wave) रूप लेती जा रही है. कोटा जिले के इटावा के नजदीक बिनायका गांव में कोरोना महामारी ने एक साथ मां और बेटी (Death of mother and daughter) को लील लिया. मां और बेटी की एक साथ कोरोना से मौत होने के कारण क्षेत्र में लोग सहम गए हैं. दोनों का गांव में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया

जानकारी के अनुसार बिनायका के पूर्व सरपंच कन्हैयालाल मीणा के बड़े बेटे बद्रीलाल की पत्नी बिरधी बाई और पौत्री संगीता मीणा की कोरोना से बुधवार को कोटा के अस्पताल में उपचार के दौरान एक ही दिन में मौत हो गई. समाजसेवी पूर्व सरपंच कन्हैयालाल मीणा के परिवार में दो साल में चार लोगों की मौत हो गई है. इसके चलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

नवंबर में होनी थी संगीता की शादी

संगीता ने जयपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था. उसकी तिसाया गांव में रामचरण मीणा के बेटे के साथ 21 नवंबर को शादी होनी थी. दादा ने अपनी पौत्री की शादी के लिए कोटा में मैरिज हाल सहित सभी तैयारियां पूरी कर ली थी. लेकिन कोरोना ने इस परिवार की सारी खुशियाँ छीन ली.
मां का अंतिम संस्कार करने के थोड़ी देर बाद आई बेटी की मौत की खबर

बिरधी बाई करीब 20 दिन पहले अपने बारां पीहर पक्ष में किसी शादी विवाह में शामिल होने गई थी. वहां उनके परिवार में किसी परिजन की कोरोना से भी मृत्यु हो गई थी. इसके चलते वो भी संक्रमित हो गई. जब वापस गांव आई तो उसकी तबीयत खराब हो गई. उसके बाद उसको कोटा में निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. यहां तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो बड़ी मुश्किल से मेडिकल कॉलेज में बेड मिलने के बाद भर्ती करवाया गया.

बिनायका गांव में कोरोना से चार लोगों की मौत हो चुकी है

यहां मां की आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन अस्थमा होने से फेफड़ों में संक्रमण बढ़ गया. यहां मां की देखभाल करते समय बेटी संगीता भी कोरोना संक्रमित हो गई. उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव थी और दोनों का उपचार एक साथ चला. बुधवर को बिरधी बाई की मौत हो गई. उसका गांव में अंतिम संस्कार किया गया. थोड़ी देर बाद में ही पुत्री संगीता के निधन की खबर सुनकर घर पर कोहराम मच गया. एक घंटे में ही दोनों का अंतिम संस्कार करना पड़ा. ग्रामीणों ने बताया कि बिनायका गांव में कोरोना से चार लोगों की मौत हो चुकी है

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