गुजरात: कोरोना को दे दी मात, पर ‘म्यूकोरमाइकोसिस’ ने छीन ली आंखों की रोशनी

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गुजरात: कोरोना को दे दी मात, पर ‘म्यूकोरमाइकोसिस’ ने छीन ली आंखों की रोशनी

गुजरात के सूरत में कोरोना वायरस संक्रमण से निजात पाने वाले करीब 50 मरीजों को अंधत्व का शिकार होना पड़ा

अहमदाबाद: 

गुजरात (Gujarat) में कोरोना वायरस (Coronavirus) को मात देने के बाद कवक (Fungi) संक्रमण ‘म्यूकोरमाइकोसिस’ (Mucormycosis) की वजह से आंखों की रोशनी गंवाने के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. यह दावा डॉक्टरों और अधिकारियों ने शनिवार को किया. सूरत के किरण सुपर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के अध्यक्ष माथुर सवानी ने बताया कि कोविड-19 से तीन हफ्ते पहले ठीक हुए मरीज में म्यूकोरमाइकोसिस का पता चला है. सवानी ने बताया, ‘‘यह संख्या 50 तक पहुंच गई है जबकि 60 और मरीज इसके इलाज का इंतजार कर रहे हैं.’

सवानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि धर्मार्थ संस्था द्वारा संचालित उनके अस्पताल में सूरत और गुजरात के अन्य इलाकों से ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनमें म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण होने का पता चला है. सवानी ने बताया, ‘‘इस समय 50 मरीजों का किरण अस्पताल में म्यूकोरमाइकोसिस का इलाज चल रहा है जबकि 60 अन्य मरीज इलाज का इंतजार कर रहे हैं. वे सभी मरीज गत तीन हफ्ते में आए हैं. म्यूकोरमाइकोसिस से पीड़ित सभी मरीज हाल में कोविड-19 से ठीक हुए थे.” उनके मुताबिक अब तक सात लोग अपनी आंखों की रोशनी खो चुके हैं.

रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर प्रभारी डॉ केतन नाइक ने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सूरत सिविल अस्पताल में उनका इलाज करने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है.

अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में आंख-कान-नाक के डॉक्टर देवांग गुप्ता ने बताया, ‘‘यहां हमारे पास रोज पांच से 10 मरीज म्यूकोरमाइकोसिस के आ रहे हैं, खास तौर पर कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बाद. इन मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है और यथाशीघ्र ऑपरेशन किया जा रहा है.” 

उन्होंने बताया कि मानव बल, उपकरण, इंजेक्शन सहित तमाम संसाधन सरकार ने म्यूकोरमाइकोसिस मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘पांच में से एक मरीज आंखों से जुड़ी समस्या लेकर आ रहा है. उनमें से कई अंधेपन का सामना कर रहे हैं.

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने भी शुक्रवार को कहा था कि कोविड-19 मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामले आ रहे हैं.

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