देश में , राशन की दुकानों को इलेक्ट्रॉनिक तराजू से जोड़ने के नियमों में बदलाव, पीयूष गोयल ने Koo पर दी जानकारी

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नई दिल्ली. खाद्य कानून के तहत लाभार्थियों को सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हो इस उद्देश्य से केंद्र सरकार (Central Government) ने राशन की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ़ सेल (EPOS) उपकरणों को इलेक्ट्रॉनिक तराजू के साथ जोड़े जाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा कानून नियमों में सोमवार को संशोधन कर दिया. सरकार ने लाभार्थियों के लिए खाद्यान्न तौलते समय राशन की दुकानों में पारदर्शिता बढ़ाने और नुकसान को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत सरकार देश के करीब 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति, प्रति माह पांच किलो गेहूं और चावल (खाद्यान्न) क्रमश: 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्रदान कर रही है. इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने Koo कर जानकारी देते हुए लिखा कि “गरीबों तक राशन की सही मात्रा पहुंचे, व वितरण में पारदर्शिता आये, इसके लिये इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों व ePoS मशीनों के लिंकेज को प्रोत्साहन दिया जायेगा।इस निर्णय से उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण का पूरा लाभ सुनिश्चित होगा, व भ्रष्टाचार भी समाप्त होगा.”

खाद्यान्नों का वितरण सही मात्रा में सुनिश्चित करने के लिए अधिसूचना
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने एनएफएसए 2013 के तहत लाभार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार सब्सिडी वाले खाद्यान्नों का वितरण सही मात्रा में सुनिश्चित करने के लिए 18 जून 2021 को एक अधिसूचना जारी की.’

सरकार ने कहा कि ईपीओएस उपकरणों को उचित तरीके से संचालित करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने और 17.00 रुपये प्रति क्विंटल के अतिरिक्त मुनाफे से बचत को बढ़ावा देने के लिए खाद्य सुरक्षा (राज्य सरकार की सहायता नियमावली) 2015 के उप-नियम (2) के नियम 7 में संशोधन किया है. सरकार ने कहा कि यह संशोधन एनएफएसए के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के संचालन की पारदर्शिता में सुधार के माध्यम से अधिनियम की धारा 12 के तहत परिकल्पित सुधार प्रक्रिया को और आगे बढ़ाने का एक प्रयास के तौर पर किया गया है.

कू ऐप पर काफी एक्टिव हैं पीयूष गोयल
फ़िलहाल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल Koo पर काफ़ी एक्टिव है और सरकार के सभी बड़ी क़दमों के बारे बारे में लोगों को जानकारी दे रहे है . इसी के चलते Koo पर उनकी चार महीनों में 10 लाख से ज़्यादा लोग उन्हें फॉलो भी कर रहे है.

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