पब्लिक हेल्‍थ एक्‍सपर्ट बोले, मानसून के कारण तीसरी लहर में कोरोना के साथ ये बीमारी बन सकती है चुनौती

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पब्लिक हेल्‍थ एक्‍सपर्ट बोले, मानसून के कारण तीसरी लहर में कोरोना के साथ ये बीमारी बन सकती है चुनौती

 देश में कोरोना (Corona) की दूसरी लहर ने हाहाकार मचा दिया है. वहीं अब तीसरी लहर की संभावना ने भी लोगों को डरा दिया है. हालांकि सरकारों की ओर से तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए तैयारियां करने की बात कही जा रही है. जबकि पब्लिक हेल्‍थ एक्‍सपर्ट कोरोना की तीसरी लहर के साथ ही एक नई चुनौती देख रहे हैं. उनका कहना है कि मानसून (Monsoon) का आना खतरे की घंटी हो सकता है. इसके लिए ज्‍यादा तैयारियों की जरूरत है.

एनसीडीसी (NCDC) से रिटायर्ड जाने माने पब्लिक हेल्‍थ एक्‍सपर्ट डॉ. सतपाल का कहना है कि मानसून 15 या 20 जून से आने की उम्‍मीद जताई जा रही है. ऐसे में अगर कोरोना की तीसरी लहर आई और इस दौरान बारिश से डेंगू भी फैल जाता है तो ऐसी स्थिति में बहुत ज्‍यादा खतरा पैदा होने का अनुमान है. ऐसे में सरकारों को यह बताना चाहिए कि उन्‍होंने इसके लिए क्‍या तैयारी की है.

डॉ. सतपाल कहते हैं कि कोरोना की पहली लहर में भारत में काफी ज्‍यादा मामले सामने आए. बीच में कोरोना के मामले घटने के बाद फिर दूसरी लहर आई और देश में ऑक्‍सीजन से लेकर दवाओं की कमी ने तबाही मचा दी. इस दौरान भी सरकारों को ऑक्‍सीजन और दवाओं की कमी को लेकर कोई अनुमान नहीं था.

अब जबकि ऑक्‍सीजन और अन्‍य मेडिकल जरूरतों को लेकर तैयारी की बात कही जा रही है लेकिन क्‍या अब आने वाली चुनौती को लेकर कोई तैयारी है. पूरी संभावना है कि कोरोना की तीसरी लहर के दौरान डेंगू भी फैले क्‍योंकि मौसम और मानसून के साथ ही डेंगू या मलेरिया को लेकर अभी भी कोई तैयारी दिखाई नहीं दे रही है. लिहाजा अगर कोरोना और डेंगू दोनों से संक्रमित मरीजों की संख्‍या बढ़ती है तो ऐसी स्थिति में उसे संभालना मुश्किल होगा.
डॉ. सतपाल कहते हैं कि मानसून के नुकसान और फायदे दोनों हो सकते हैं. हालांकि हमें नुकसान को लेकर सतर्क रहना होगा. ताकि किसी भी महामारी से निपटा जा सके और दूसरी लहर या इससे ज्‍यादा खराब हालात न पैदा हों.

मानसून से ये होगा फायदा

डॉ. सतपाल कहते हैं कि दिन में अगर बारिश होती है तो जो कोरोना वायरस हवा में घूम रहा है वह नीचे आ जाएगा. इससे संक्रमण कम हो जाएगा. वहीं अगर रात में बारिश होती है तो रात में भी यही स्थिति रहेगी और रात में भी संक्रमण का खतरा घट जाएगा

ये हो सकता है नुकसान

वे कहते हैं कि अगर अच्‍छी बारिश होती है तो डेंगू और मलेरिया को पनपने में राहत होगी. चूंकि जून में बारिश के बाद डेंगू का मच्‍छर जुलाई में आता है. इसी समय कोरोना की तीसरी लहर की बात कही जा रही है. बारिश के कारण डेंगू का मच्‍छर भी पैदा हो सकता है. साथ ही डेंगू के लक्षण भी कोरोना की तरह ही हैं जैसे बुखार और दर्द आदि. ऐसे में अगर किसी मरीज को दोनों ही बीमारियां हो गईं तो परेशानी बहुत ज्‍यादा बढ़ जाएगी.

डॉ. सतपाल कहते हैं कि पिछले साल भी डेंगू और कोरोना एक साथ होने वाले मरीज भी सामने आए थे. अब जबकि सरकारें कोरोना को लेकर सतर्क हैं लेकिन डेंगू या मलेरिया पर अभी भी कोई ध्‍यान नहीं है तो अगर ये बीमारियां कोरोना के साथ मिलकर फैलती हैं तो एक नई महामारी पैदा कर सकती हैं.

इसके अलावा बारिश के कारण सर्दी का मौसम जल्‍दी आने पर प्रदूषण स्‍तर भी बढ़ेगा. बारिश जल्‍दी आती है तो ठंड जल्‍दी आएगी और कोरोना वायरस को फायदा होगा. साथ ही डेंगू को भी फायदा होगा. अगर कोरोना का संक्रमण डेंगू के साथ आया तो तबाही ज्‍यादा हो सकता है.

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