परमाणु बम क्या म्यूजियम में रखने के लिए हैं? कश्मीर-फिलिस्तीन की आजादी के लिए करें इस्तेमाल: पाक सांसद का Video वायरल

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परमाणु बम क्या म्यूजियम में रखने के लिए हैं? कश्मीर-फिलिस्तीन की आजादी के लिए करें इस्तेमाल: पाक सांसद का Video वायरल

Pakistan on Israel-Palestine Conflict: इस वीडियो में मौलाना चितराली (Maulana Chitrali) पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कहते सुने जा सकते हैं, ‘अगर हम फिलिस्तीन और कश्मीर को आजाद नहीं करा सकते, तो हमें मिसाइल, परमाणु बम या बड़ी सेना की जरूरत नहीं है.

इस्लामाबाद. इजरायल (Israel) और फिलिस्तीन (Palestine) के बीच हमलों का दौर अब तक जारी है. 10 दिन बाद भी इजरायली सेना और फिलिस्तीन के आतंकी संगठन एक-दूसरे पर रॉकेट दाग रहे हैं. दोनों पक्षों के बीच जारी तनाव में अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी खासा सक्रिय हो गया है. इन देशों में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है. हाल ही में पाक के एक सांसद ने सदन में इजरायल के खिलाफ जिहाद शुरू करने का सुझाव दिया है. साथ ही इस दौरान उन्होंने परमाणु हमले की भी बात कही है. पाक सांसद के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पत्रकार नायला इनायत ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पाकिस्तान के नेशनल असेंबली का एक वीडियो शेयर किया है. यह वीडियो पाकिस्तान के सांसद मौलाना चितराली का है. सदन में चितराली कह रहे हैं कि इजरायल के खिलाफ जिहाद करना ही पाकिस्तान के पास एकमात्र विकल्प है. अपने भाषण में उन्होंने कश्मीर का राग अलापा है. सांसद ने कहा, ‘अगर हम फिलिस्तीन और कश्मीर को आजाद नहीं करा सकते, तो हमें मिसाइल, परमाणु बम या बड़ी सेना की जरूरत नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘क्या हमने संग्रहालय में रखने के लिए परमाणु बम बनाए हैं?’

वायरल वीडियो यहां देखें

फिलिस्तीन की स्थिति को लेकर चिंतित पाक

अल जजीरा में 17 मई को प्रकाशित रिपोर्ट पाकिस्तानी बयान के हवाले से लिखा गया है कि पाकिस्तान ने फिलिस्तीन इलाकों के हालात पर ‘गहरी चिंता और पीड़ा’ जाहिर की है. साथ ही पाक ने स्थिति पर ‘अमेरिका की भूमिका की जरूरत’ पर जोर दिया है. कुछ दिनों पहले पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से फोन पर बात की थी

इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में गया था, ‘विदेश मंत्री ने मंत्री ब्लिंकन को इजरायल के कब्जे वाले फिलिस्तीन की में बिगड़ते मानवीय हालात और पीड़ा की जानकारी दी. साथ ही गंभीर स्थिति को दूर करने, शांति बहाल और सुलह के लिए अमेरिका की भूमिका पर जोर दिया है.’ वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बताया था कि बातचीत अफगान शांति प्रक्रिया, आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन और कारोबार संबंध बेहतर करने पर केंद्रित थी.

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