बिहार में राजनीतिक उथल-पुथल लाने की तैयारी तो नहीं कर रहे जीतन राम मांझी? RJD-कांग्रेस के रुख ने गरमाई सियासत

0
218
बिहार में राजनीतिक उथल-पुथल लाने की तैयारी तो नहीं कर रहे जीतन राम मांझी? RJD-कांग्रेस के रुख ने गरमाई सियासत

पटना. बिहार की राजनीति में जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने एक बार फिर से गरमाहट ला दी है. बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री हाल के दिनों में अपने बयानों और बैठकों के जरिये सुर्खियों में हैं. जीतन राम मांझी ने NDA घटक दल के नेताओं से अकेले में मुलाकात कर नई बहस छेड़ दी है. आखिर मांझी के मन में क्या चल रहा है. जीतन राम मांझी की हालिया बयान और लालू प्रेम क्या सिर्फ सामान्य प्रक्रिया है या आने वाले दिनों में बिहार में बड़ी राजनीतिक उलटफेर के संकेत हैं? ये सारे सवाल बिहार की सियासत में तैर रहे हैं.

जीतन राम मांझी ने मंगलवार को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को शादी की सालगिरह के मौके पर दिल छू लेने वाला बधाई संदेश दिया था. मांझी ने लालू प्रसाद यादव को शादी की 48वीं सालगिरह पर बधाई देते हुए कहा कि आप हमेशा स्वस्थ और खुशहाल रहकर जनता की सेवा करते रहें, यही कामना है. मांझी की इस बधाई के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म है. एनडीए पर सवाल खड़े करने के बाद मांझी ने लालू को शादी की सालगिरह की बधाई दी और फिर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी बुला ली. यह किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत तो नहीं है? हम पार्टी की बुलाई गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी संगठन की मजबूती और पार्टी की राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी.

पीएम मोदी की तस्वीर पर उठाया था सवाल

जीतन राम मांझी ने पिछले दिनों उस समय एनडीए के नेताओं को चौंका दिया था, जब कोरोना का टीका लेने के बाद मिलने वाले प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर होने पर सवाल खड़ा किया था. इसके बाद मांझी ने ट्वीट करते हुए कहा कि टीके के प्रमाणपत्र पर अगर तस्वीर होती है तो मृत्यु प्रमाणपत्र पर भी तस्वीर होनी चाहिए. मांझी के इस बयान के बाद विपक्ष में भी खुलकर मांझी को समर्थन दिया और एनडीए पर सवाल खड़े किए.आरजेडी ने कहा- राजनीति में संभावनाओं के द्वार खुले

जीतन राम मांझी के बयान और पिछले दिनों लालू को शादी की सालगिरह की बधाई के बाद गर्म हुई सियासत पर आरजेडी ने खुलकर बात रखी है. आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि एनडीए में मांझी को तव्वजो नहीं मिल रहा है. वरिष्ठ नेता होने के बाद भी किसी भी फैसले में उनकी राय नहीं ली जाती है. मांझी के आरजेडी में शामिल होने की संभावनाओं पर उन्‍होंने कहा कि राजनीति में संभावनाओं के द्वार खुले हैं और कोई किसी का परमानेंट दुश्मन नहीं होता.

कांग्रेस ने मांझी को बताया पुराना कांग्रेसी

बिहार में गरमाई सियासत के बीच कांग्रेस ने खुला ऑफर देते हुए उन्हें पुराना कांग्रेसी याद कराया. कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि जीतन राम मांझी आज भले ही एनडीए में हों पर वो पुराने कांग्रेसी रहे हैं और मंत्री भी थे. आज एनडीए में वो असहज हैं. ऐसा लगता है कि मांझी की एनडीए से मोह भंग हो गया है और आने वाले दिनों में कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. अगर वो कांग्रेस में आते हैं तो उनका स्वागत होगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here