बेलारूस: ‘सरकार विरोधी’ पत्रकार को पकड़ने के लिए फायटर जेट भेजकर विमान को जबरन कराया लैंड

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बेलारूस: ‘सरकार विरोधी’ पत्रकार को पकड़ने के लिए फायटर जेट भेजकर विमान को जबरन कराया लैंड

Roman Protasevich: इस घटना को लेकर यूरोपीय देशों ने नाराज़गी जताई है. साथ ही कहा है कि ये बेलारूस की तरफ से की गई ये एक आतंकी घटना है.

मिंस्क. बेलारूस (Belarus) ने रविवार को एक पत्रकार को गिरफ्तार करने के लिए आसमान में लड़ाकू विमान भेज दिए. खबर है कि फ्लाइट को जबरन राजधानी मिंस्क एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया. इसके बाद रोमन प्रोतसाविक (Roman Protasevich) नाम के एक पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि वहां की मीडिया ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि फ्लाइट में बम की खबर थी इसलिए फाइटर जेट को भेजना पड़ा. इस घटना को लेकर यूरोपीय देशों ने नाराज़गी जताई है. साथ ही कहा है कि ये बेलारूस की तरफ से की गई ये एक आतंकी घटना है.

खबरों के मुताबिक रायनएयर की फ्लाइट को ग्रीस से लिथुआनिया जाना था, लेकिन जबरन इस फ्लाइट को बेलारूस की राजधानी मिंस्क की तरफ डाइवर्ट कर दिया गया. फ्लाइट को जबरदस्ती उतारने के लिए बेलारूस की तरफ से MIG-29 लड़ाकू विमान को भेजा गया. आखिरकार 7 घंटे की देरी से ये फ्लाइट लिथुआनिया पहुंची. यात्रियों ने बताया कि फ्लाइट को मिंस्क में उतारने को लेकर एयरलाइंस की तरफ से अजीबोगरीब वजहें बताई गईं. एक यात्री ने बताया कि पत्रकार और ब्लॉगर रोमन प्रोतसाविक बेहद डरा हुआ था. समाचर एजेंसी एफपी के मुताबिक, प्रोतसाविक ने फ्लाइट में लोगों से कहा कि उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई है.

कौन हैं रोमन प्रोतसाविक और क्या है पूरा मामला?

26 साल के पत्रकार और ब्लॉगर रोमन प्रोतसाविक ने पिछले दिनों पोलैंड की न्यूज़ एजेंसी NEXTA के लिए काम किया था. इस एजेंसी का टेलीग्राम चैनल है, इसके अलावा यह ट्विटर और यूट्यूब पर दिखाया जाता है. ये वहीं एजेंसी है जिसने पिछले साल बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के खिलाफ विरोध के वीडियो दिखाए थे. इसके अलावा इस चैनल ने चुनाव के दौरान सरकार विरोधी खबरें भी दिखाई थी. प्रोतसाविक के खिलाफ बेलारूस में आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे. उन पर दंगे भड़काने के भी आरोप लगे थे. साल 2019 में उन्होंने बेलारूस को छोड़ दिया था. यहां उन्हें आतंकी कहा गया था. इसके अलावा उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई थी.

युरोप में नाराज़गी

एयरलाइंस कंपनी की तरफ से फ्लाइट में देरी और मिंस्क एयरपोर्ट पर उतरने को लेकर सुरक्षा का हवाला दिया गया. यूरोपियन कॉउंसिल की चेयरमैन चार्ल्स माइकल ने कहा है कि सोमवार को इस बारे में चर्चा की जाएगी. यूरोप के कई नेताओं ने इसे हाईजैक की घटना बताया है.

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