मुंबई में 24 घंटे के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट अब तक 31 लोगों की मौत

0
210
मुंबई में 24 घंटे के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट अब तक 31 लोगों की मौत

मुंबई. महानगर में रातभर हुई भारी बारिश के कारण मकान गिरने की घटनाओं में जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 31 पहुंच गया है. इसके साथ ही वित्तीय राजधानी में मूसलाधार बारिश के कारण जलभराव के चलते लोकल ट्रेन सेवा तथा यातायात भी प्रभावित है. इस बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई के नगर आयुक्त आईएस चहल से बात की और बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), नगरपालिका कर्मियों, दमकल और पुलिसकर्मियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बारिश के हालात को देखते हुए ठाकरे ने शाम 6 बजे एक बैठक भी बुलाई है.

अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे ने भारी बारिश के चलते मुंबई में उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है तथा लंबी दूरी की कई ट्रेनों का या तो मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है या उनका अन्य स्टेशनों से परिचालन हो रहा है. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक पर्वतीय क्षेत्र में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक परिसर की दीवार ढहने से उसके नीचे दबकर 17 लोगों की मौत हो गई. अधिकारी ने बताया कि मुंबई में माहुल इलाके के वाशी नाका में देर रात करीब एक बजे एक पेड़ के गिर जाने से उससे सटे एक मकान की दीवार ढह गई. घटना में सात लोग घायल हो गए, जिन्हें पास के राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

छह कच्चे मकान ढहने से सात लोगों की मौत
उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण मुंबई के विखरोली उपनगर में देर रात करीब ढाई बजे भूस्खलन के चलते छह कच्चे मकानों के ढह जाने से सात लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. घायलों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, उपनगर भांडुप में वन विभाग परिसर की दीवार ढह जाने से 16 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई.

लोकल ट्रेन सेवाएं स्थगित
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रातभर हुई भारी बारिश के कारण पटरियों पर जलभराव के कारण वित्तीय राजधानी में मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे की उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को स्थगित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि सुबह सेवा बहाल कर दी गई. इस बारिश ने 26 जुलाई, 2005 को 24 घंटे में 944 मिमी वर्षा होने की याद दिला दी. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भारी बारिश की पृष्ठभूमि में मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.

मुंबई में 6 घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश
‘ग्रीन’ अलर्ट का अर्थ है कि ‘कोई चेतावनी नहीं’ यानी अधिकारियों को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है और यह हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान होता है. ‘रेड’ अलर्ट ‘चेतावनी’ का संकेत है जो अधिकारियों को ‘कार्रवाई करने’ के लिए कहता है. ‘ऑरेंज’ अलर्ट बताता है कि अधिकारियों को ‘तैयार रहना’ चाहिए. आईएमडी ने रविवार सुबह जारी अपने बुलेटिन में बताया कि जलवायु परिस्थितियों में अचानक बदलाव के कारण मुंबई में छह घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई.

मुंबई में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने शहर के लिए बारिश के पूर्वानुमान को ‘ऑरेंज से रेड अलर्ट’ में भी बदल दिया है. आईएमडी ने कहा कि रविवार सुबह साढ़े छह बजे तक मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले 12 घंटों में 120 मिमी से अधिक बारिश हुई. इसने अनुमान जताया कि मुंबई में कुछ स्थानों पर ‘भारी से बहुत भारी’ वर्षा होगी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होगी. आईएमडी के अनुसार अत्यधिक भारी वर्षा का अर्थ है कि 24 घंटों में 204.5 मिमी से अधिक की वर्षा और भारी वर्षा 115.6 मिमी से 204.4 मिमी वर्षा के बीच होती है.

बीती देर रात तीन बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, आईएमडी ने सांताक्रूज में 213 मिमी, बांद्रा में 197.5 मिमी और शहर के कोलाबा में 174 मिमी बारिश दर्ज की. भारी बारिश के बाद पश्चिम रेलवे ने कई जगहों पर जलजमाव के कारण उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को स्थगित करने की घोषणा की. पश्चिम रेलवे के मुंबई संभाग के संभागीय रेल प्रबंधक ने ट्वीट किया, ‘कई जगहों पर जलजमाव होने के कारण अप और डाउन दोनों दिशाओं में पश्चिम रेलवे की कोई लोकल ट्रेन सेवा इस वक्त नहीं चलेगी.’

मध्य रेलवे ने बताया कि दादर, परेल, माटुंगा, कुर्ला, सायन, भांडुप और अन्य स्थानों पर पटरियों पर जलभराव के कारण मुख्य लाइन पर सीएसएमटी और ठाणे के बीच ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गईं. इसके मुख्य प्रवक्ता शिवाजी सुतार ने कहा, ‘बांद्रा/गोरेगांव उपनगरीय सेवाओं सहित सीएसएमटी से वाशी तक सेवाएं भी बंद हैं.’ पटरियों पर पानी भर जाने के कारण मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे की लंबी दूरी की कई ट्रेन प्रभावित हुईं. महामारी से पहले, मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे-दोनों की 3,000 से अधिक उपनगरीय ट्रेन सेवाओं का प्रतिदिन 75 लाख से अधिक यात्री लाभ उठाते थे. महामारी के दौरान उपनगरीय ट्रेन सेवाएं आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here