मोदी कैबिनेट में कुल 43 मंत्री लेंगे शपथ,मंत्रिमंडल से जुड़ी अहम जानकारियां : Live

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मोदी कैबिनेट में कुल 43 मंत्री लेंगे शपथ,मंत्रिमंडल से जुड़ी अहम जानकारियां : Live

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरा कार्यकाल का पहला फेरबदल शाम को 6 बजे होने जा रहा है, जिसमें नए और पुराने मिलाकर कुल 43 मंत्री शपथ लेने वाले हैं. विस्तार के तहत कम से कम 14 नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना है, और कम से कम तीन राज्यमंत्रियों को पदोन्नत किया जा सकता है.

मंत्रिमंडल से जुड़ी अहम जानकारियां :

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, श्रम मंत्री संतोष गंगवार  समेत कुल 11 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, श्रममंत्री संतोष गंगवार के अलावा केंद्रीय मंत्रियों संजय धोत्रे, बाबुल सुप्रियो, राव साहेब दानवे पाटिल, सदानंद गौड़ा, रतनलाल कटारिया, प्रताप सारंगी, देबोश्री चौधरी तथा अश्विनी चौबे ने इस्तीफा दिया है. इससे पहले, थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बना दिया गया था, सो, उनका मंत्रिपद भी जा चुका है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया, सर्बानंद सोनोवाल, नारायण राणे, वरुण गांधी तथा मीनाक्षी लेखी को सरकार में शामिल किया जाना लगभग तय है. ये उन 17 लोगों में शामिल हैं, जो मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बुधवार को प्रधानमंत्री आवास पहुंचे.

राज्यमंत्रियों अनुराग ठाकुर, पुरुषोत्तम रूपाला, मनसुख मंडाविया, किरेन रिजिजू, आर.के. सिंह, हरदीप सिंह पुरी तथा जी.के. रेड्डी ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की, और इन्हें पदोन्नति मिलने की संभावना है.

इस दौर में अन्य सहयोगी दल भी सरकार का हिस्सा बनेंगे – आर.सी.पी. सिंह (जनता दल यूनाइटेड), पशुपति कुमार पारस (लोक जनशक्ति पार्टी) तथा अनुप्रिया पटेल (अपना दल) इनमें शामिल हैं.

शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया मंत्रिमंडल भारत के इतिहास में ‘सबसे युवा’ मंत्रिमंडल होगा. इस फेरबदल से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मंत्रियों की तादाद बढ़ने की भी संभावना है.

सूत्रों के मुताबिक, महिला मंत्रियों की संख्या भी बढ़ेगी, तथा प्रशासनिक अनुभव रखने वाले लोगों को विशेष प्रतिनिधित्व दिया जाएगा.

सरकारी सूत्रों का यह भी कहना है कि नए मंत्रिमंडल में डॉक्टरेट, MBA, स्नातकोत्तर तथा पेशेवरों को शामिल किया जाएगा, ताकि औसत शैक्षिक योग्यता को बेहतर किया जा सके.

पांच राज्यों में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों तथा वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र राज्यों के भीतर मौजूद क्षेत्रों पर भी इस फेरबदल में फोकस किया जाएगा.

सरकार के अनुसार, ‘देश में सहकारी आंदोलन को मज़बूती देने के लिए’ एक नए ‘सहकारी मंत्रालय’ का गठन किया गया है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल में 81 सदस्य हो सकते हैं, परन्तु इस समय इसमें 52 मंत्री हैं. इसका अर्थ यह है कि 29 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है.

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