YAAS साइक्लोन ने उजागर किया सिस्टम का भ्रष्टाचार! रांची के तमाड़ में पुल ध्वस्त

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YAAS साइक्लोन ने उजागर किया सिस्टम का भ्रष्टाचार! रांची के तमाड़ में पुल ध्वस्त

झारखंड के रांची के तमाड़ में हाराडीह- बूढाडीह पुल टूट जाने से हजारों ग्रामीणों की लाइफलाइन एक झटके में थम गई है. करोड़ों रुपए की लागत से 6 साल पहले बने पुल के धंस जाने से बुंडू और तमाड़ इलाके के लोगों को होगी परेशानी.

रांची. झारखंड के रांची (Ranchi) के तमाड़ में हाराडीह- बूढाडीह पुल टूट जाने से हजारों ग्रामीणों की लाइफलाइन एक झटके में थम गई है. बीते गुरुवार शाम बुंडू और तमाड़ को जोड़ने वाला पुल धंस गया. करोड़ों की लागत से बना यह पुल महज छह साल पुराना बताया जा रहा है. 600 मीटर लंबे इस पुल के अचानक धंस जाने से दोनों तरफ के ग्रामीण पुल के दोनों तरफ फंस कर रह गए. बूढाडीह गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पुल के निर्माण के दौरान कई अनियमितता बरती गई. मजबूती का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा गया और दलदल में ही पायों को खड़ा कर पुल का निर्माण कर लिया गया.

न्यूज 18 की टीम ने जब ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर रात में ही पुल का मुआयना किया तब कई जगहों पर पुल क्षतिग्रस्त पाया गया. स्थानीय ग्रामीणों ने ठेकेदार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार ठेकेदार को इस संबंध में काम रोकने के लिए भी कहा गया, लेकिन पावर और पैसे के बल पर ठेकेदार ने काम पूरा कर दिया.

रिपेयरिंग से चल रहा था काम

पुल में जिस तरह के कमजोर सरिया का इस्तेमाल किया गया है. वह भी सवालों के घेरे में है. साथ ही पुल बीच में कई जगहों से टूटा हुआ भी है और उसे छिपाने के लिए वहां पर रिपेयरिंग कर दी गई है. सूत्रों के मुताबिक यह पुल रांची के ठेकेदार रंजन सिंह ने बनाया है और इसी ठेकेदार का बनाया एक और पुल जो कांची नदी पर इसी पुल से थोड़ी ही दूरी पर बना था, वह भी 2 साल पहले टूट गया था. पुल टूटने की एक बड़ी वजह बालू का उठाव भी बताया जा रहा है और कांची नदी पर लगातार बालू उठाव की वजह से ही फुल की मजबूती पर असर पड़ा. इतने बड़े पुल के इस तरह टूट जाने से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है

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