‘उमर खालिद और सैफी गैंगस्टर नहीं हैं’, कोर्ट ने खारिज की हथकड़ी लगाकर पेश करने की याचिका

0
178
‘उमर खालिद और  सैफी गैंगस्टर नहीं हैं’, कोर्ट ने खारिज की हथकड़ी लगाकर पेश करने की याचिका

नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और कार्यकर्ता खालिद सैफी को हथकड़ी लगाकर निचली अदालतों में पेश करने की अनुमति देने की पुलिस की याचिका खारिज कर दी है. अदालत ने कहा कि ‘वे गैंगस्टर नहीं हैं.’ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव के समक्ष सुनवाई के लिए पेश की गई इस याचिका में 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपियों खालिद और सैफी को ‘पीछे की ओर से दोनों हाथों में हथकड़ी’ लगाने की अनुमति मांगी गई थी. याचिका में कहा गया कि वे ‘उच्च जोखिम वाले कैदी’ हैं.

न्यायाधीश ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इसे आधार रहित करार दिया और कहा कि दिल्ली पुलिस और जेल प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों ने बिना प्रक्रिया अपनाए और दिमाग लगाए यह आवेदन दाखिल किया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने बीते 5 जून को जारी आदेश में कहा, ’’जिन आरोपियों को बेड़ियां और हथकड़ियां लगाकर पेश करने की अनुमति मांगी गई, वे पुराने किसी मामले में दोषी करार नहीं दिए गए हैं. वे गैंगस्टर भी नहीं हैं.’

उन्होंने कहा कि इस समय इस याचिका की जरूरत भी नहीं है क्योंकि कोविड-19 के चलते आरोपियों को भौतिक रूप से अदालत में पेश नहीं किया जा रहा है. आपको बता दें कि दिल्ली दंगों के मामले में पुलिस ने उमर खालिद और खालिद सैफी के ऊपर कैद से भागने की आशंका जाहिर करते हुए अदालत में उन्हें हथकड़ी लगाकर पेश करने की इजाजत मांगी थी. लेकिन कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट में जब ये सुनवाई हो रही थी, उस समय दिल्ली पुलिस की ओर से डीसीपी मौजूद थे, जिन्हें अदालत ने यह निर्देश दिया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here