केंद्र का राज्यों को निर्देश-दूसरी डोज का इंतजार कर रहे लोगों का पहले करें टीकाकरण

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केंद्र का राज्यों को निर्देश-दूसरी डोज का इंतजार कर रहे लोगों का पहले करें टीकाकरण

Covid-19 Vaccination: देश में कोरोना वैक्सीन के कुल 17.26 करोड़ डोज दिए जा चुके हैं. मंत्रालय के मुताबिक 1 मई से 18+वालों के लिए शुरू हुए वैक्सीनेशन कार्यक्रम में अब तक 25,52,843 लोगों को पहला डोज दिया जा चुका है

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों को कोविड रोधी टीके (Covid Vaccination) की पहली डोज लग चुकी है उन्हें दूसरी डोज़ लगाने को प्राथमिकता दें. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि जो लोग दूसरी डोज लगवाने का इंतजार कर रहे हैं ऐसे लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जाना चाहिए. भूषण ने इस संबंध में, राज्यों से कहा कि भारत सरकार चैनल से उन्हें दिए जाने वाले टीकों में से कम से कम 70% (दूसरी नि:शुल्क) टीकाकरण और पहली खुराक के लिए शेष 30% आरक्षित कर सकते हैं

केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ कोविड वैक्सीनेशन की प्रक्रिया की समीक्षा की. केंद्र ने कहा कि राज्यों को आने वाले तीन दिनों में वैक्सीन की 7 लाख खुराकें दी जाएंगी. बता दें देश में कोरोना वैक्सीन के कुल 17.26 करोड़ डोज दिए जा चुके हैं. मंत्रालय के मुताबिक 1 मई से 18+वालों के लिए शुरू हुए वैक्सीनेशन कार्यक्रम में अब तक 25,52,843 लोगों को पहला डोज दिया जा चुका है. 25,52,843 लोगों में महाराष्ट्र से 5,10,347, राजस्थान से 4,11,002, दिल्ली से 3,66,309, गुजरात से 3,23,601 और हरियाणा से 2,93,716, बिहार से 1,77,885, उत्तर प्रदेश से 1,66,814 और असम में 1, 06,538 लोगों को अब तक टीका लगाया जा चुका है. देश में अब तक कुल 17,26,33,761 वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी हैं.

भारत में 16 जनवरी से शुरू हुए कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम में अब तक मुख्य रूप से सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड और भारत-बायोटेक की कोवैक्सीन का प्रयोग ही होता रहा है. इनमें भी कोविशील्ड की आपूर्ति ज्यादा रही है. सीरम इंस्टिट्यूट दुनिया में सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक कंपनी है

अप्रैल महीने में जब कोरोना की दूसरी लहर ने देश को चपेट में लिया तो मांग की गई कि 18 वर्ष से ऊपर सभी लोगों को वैक्सीनेशन के दायरे में लाया जाए. केंद्र सरकार ने इस पर फैसला लेते हुए 1 मई से इसकी शुरुआत भी कर दी है. 18-44 आयु वर्ग के भी जुड़ जाने के बाद अब देश में वैक्सीन की मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर आ गया है.

फिलहाल भारत में दो ही वैक्सीनों को आधिकारिक तौर पर मंज़ूरी दी गई है, कोविशील्ड और कोवैक्सिन. कोविशील्ड का उत्पादन करने वाली पुणे बेस्ड कंपनी सिरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला के मुताबिक जुलाई तक वैक्सीन की शॉर्टेज रह सकती है क्योंकि 6-7 करोड़ डोज़ प्रतिमाह उत्पादन को 10 करोड़ डोज़ हर महीने करने में इतना वक्त लगेगा

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