कोरोना महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों के परिचालन पर लगे प्रतिबंध को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है

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कोरोना महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों के परिचालन पर लगे प्रतिबंध को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है

कोरोना वायरस महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों  के परिचालन पर लगे प्रतिबंध को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है. यह जानकारी विमानन नियामक डीजीसीए ने शुक्रवार को दी. नागर विमानन महानिदेशालय ने कहा, ‘‘बहरहाल, मामला दर मामला के आधार पर चुनिंदा मार्गों पर सक्षम प्राधिकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति दी जाएगी.’’ कोरोना वायरस महामारी के कारण भारत में 23 मार्च 2020 से ही अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान सेवाएं निलंबित हैं.

जानकारी में कहा गया है कि मई 2020 से वंदे भारत मिशन के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन हो रहा है और जुलाई 2020 से कुछ देशों के साथ ‘एयर बब्बल’ (द्विपक्षीय विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ान) समझौता के तहत भी उड़ान परिचालित किए जा रहे हैं. भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, भूटान और फ्रांस सहित करीब 24 देशों के साथ ‘एयर बब्बल’ समझौता किया है

टीकाकरण अभियान में केंद्रीय अधिकारियों की मदद हो : गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संभावित टीकाकरण अभियान के लिए तैयारियों में केंद्रीय अधिकारियों की तत्परता से मदद करने को भी कहा है. मंत्रालय ने कहा, ‘‘(देश में कोविड-19 के) उपचाराधीन मरीजों और संक्रमण के नए मामलों में लगातार कमी आ रही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर मामले बढ़ने और ब्रिटेन में वायरस का एक नया प्रकार सामने आने के मद्देनजर निगरानी, रोकथाम और सतर्कता बरकरार रखने की जरूरत है.

गृह मंत्रालय ने कहा, ‘‘निरुद्ध क्षेत्रों का सावधानीपूर्वक सीमांकन जारी रखा जाए, इन क्षेत्रों में संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए निर्धारित उपायों का सख्ती से पालन किया जाए, कोविड से जुड़े उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा दिया जाए और उन्हें सख्ती से लागू किया जाए तथा विभिन्न गतिविधियों के संदर्भ में सुझाई गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए.

मंत्रालय ने कहा कि निगरानी और रोकथाम के प्रति पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर और उसके एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा पिछले महीने जारी दिशानिर्देशों एवं एसओपी को राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लागू किये जाने की जरूरत है.

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