तमिलनाडु और कर्नाटक ने लगाया यात्रियों पर प्रतिबंध केरल में कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा

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तमिलनाडु और कर्नाटक ने लगाया यात्रियों पर प्रतिबंध    केरल में कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा

नई दिल्ली. केरल के कोरोना वायरस मामलों में वृद्धि एक ओर केंद्र के लिए चिंता का कारण बन गई है, तो दूसरी ओर पड़ोसी राज्यों जैसे तमिलनाडु और कर्नाटक ने एहतियात के तौर पर केरल से यात्रा करने वालों पर प्रतिबंध लगा दिया है. दोनों राज्यों ने केरल से आने वालों के लिए निगेटिव आरटी-पीसीआर सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है.

केरल में मंगलवार को कोरोना के 23,676 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 34.49 लाख हो गई. इस दौरान 148 अतिरिक्त मौतों के बाद वायरस से मरने वालों की संख्या 17,103 हो गई. लगातार छह दिनों तक 20,000 से अधिक मामले दर्ज करने के बाद सोमवार को राज्य में कोरोना के 13,984 नए मामले दर्ज किए थे.

राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सोमवार से अब तक 15,626 लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, जिससे कुल स्वस्थ होने वालों की संख्या 32,58,310 हो गई है और राज्य में फिलहाल सक्रिय मामलों की संख्या 1,73,221 है. पिछले 24 घंटों में 1,99,456 नमूनों का परीक्षण किया गया और टीपीआर 11.87 प्रतिशत पाया गया.

केरल से आने वाले यात्रियों के लिए तमिलनाडु और कर्नाटक द्वारा लगाए गए प्रतिबंध इस प्रकार हैं:

तमिलनाडु
केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच तमिलनाडु सरकार ने बीते एक अगस्त को कहा पड़ोसी राज्य से आने वाले लोगों के लिए पांच अगस्त से आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट अथवा टीके की दोनों खुराक का प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है. चिकित्सा एवं परिवार कल्याण मंत्री एम सुब्रमण्यम ने संवाददाताओं से कहा, ‘संबंधित जिला प्रशासनों को निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा उनसे कहा गया है कि पांच अगस्त से वे केरल से आने वाले उन्हीं लोगों को प्रदेश में प्रवेश करने की अनुमति दें जिनके पास आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट है अथवा टीके की दोनों खुराक लेने का प्रमाणपत्र मौजूद है.

कर्नाटक
केरल के सैकड़ों यात्रियों को दक्षिण कन्नड़ पुलिस ने सोमवार को तलपडी सीमा पर आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट नहीं होने के कारण वापस भेज दिया, जैसा कि कर्नाटक सरकार ने अनिवार्य किया था. पुलिस ने कहा कि केरल के यात्रियों ने कुछ देर के लिए मौके पर रोड रोको का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार के ‘अचानक फैसले’ ने कासरगोड के लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जो रोजगार, चिकित्सा सहायता और शिक्षा के लिए कर्नाटक के मंगलुरु शहर पर निर्भर हैं. कर्नाटक सरकार ने केरल और महाराष्ट्र में कोरोना मामलों की अधिक संख्या को देखते हुए 31 जुलाई को इन राज्यों से कर्नाटक में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के लिए निगेटिव आरटी-पीसीआर प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य कर दिया था.

केरल ने बढ़ाई स्वास्थ्य मंत्रालय की चिंता
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि केरल में कोविड -19 मामलों में वृद्धि चिंता का विषय है और राज्य को वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सख्त कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और क्वारंटाइन उपाय करने की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने केंद्र की नियमित स्वास्थ्य ब्रीफिंग के दौरान कहा कि पिछले सप्ताह केरल से कोविड -19 के कुल मामलों में से 49.85 प्रतिशत मामले सामने आए. उन्होंने कहा, ‘केरल के 10 जिलों सहित 18 जिले ऐसे हैं जहां मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. इन 18 जिलों में 47.5 प्रतिशत मामले हैं

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