मोदी ममता का 30 मिनट इंतजार करें तो हंगामा! जनता 15 लाख का 7 साल से इंतजार कर रही है, उसका क्या?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए काफी वक्त हो चुका है। लेकिन अभी भी भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच तकरार बरकरार है।

केंद्र सरकार और ममता सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर गहमागहमी बनी रहती है।

हाल ही में आए याद चक्रवात से हुए नुकसान को लेकर पीएम मोदी द्वारा एक समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 30 मिनट देरी से पहुंची।

ममता बनर्जी जैसे ही इस समीक्षा बैठक में पहुंची। उन्होंने यास चक्रवात से पश्चिम बंगाल में हुए नुकसान से जुड़े डॉक्यूमेंट सौंप कर वहां से चली गई।

ममता बनर्जी ने इस दौरान कहा कि उन्हें किसी और बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचना है। यही नहीं और राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय भी देरी से पहुंचे थे।

ममता बनर्जी पर इस मुद्दे को लेकर भाजपा हावी होती नजर आ रही है। कई भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी द्वारा किए गए इस बर्ताव को लेकर उन पर हमला बोला है।

इस मामले में देश के गृहमंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि ममता दीदी का बर्ताव आज काफी गलत रहा है। चक्रवात यास ने आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है।

इस वक्त जरूरत है उन लोगों की मदद करने की। लेकिन दुख की बात यह है कि ममता दीदी के लिए उनका अहंकार जनहित से ज्यादा बड़ा है।

इस मामले में भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद महुआ मोइत्रा ने भी पलटवार किया है।

महुआ मोइत्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि “30 मिनट की कथित देरी पर इतना हंगामा? 15 लाख रुपए के लिए भारतीय 7 साल से इंतजार कर रहे.

एटीएम के बाहर घंटों इंतजार कर रहे. वैक्सीन के लिए महीनों से इंतजार कर रहे. थोड़ा आप भी इंतजार कर लीजिए कभी-कभी”

वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि मैं नहीं जानती थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समीक्षा बैठक बुलाई है। दीघा में मेरी एक और मीटिंग थी। इसलिए मैं वहां से निकल गई थी।

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