हिमाचल से राकेश टिकैत ने भरी हुंकार, सेब किसानों की लड़ाई का एलान, जानिए क्या-क्या बोले

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हिमाचल से राकेश टिकैत ने भरी हुंकार, सेब किसानों की लड़ाई का एलान, जानिए क्या-क्या बोले

शिमला. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने अब केंद्र सरकार (Modi Govt) के खिलाफ हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) से हुंकार भरी है. सेब बागवानों और किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन खड़ा करने का एलान किया है. हिमाचल में क्रांति लाने की बात कही है. किसान आंदोलन को मजबूत करने और हिमाचल के किसानों के मुद्दों को लेकर टिकैत ने कहा कि प्रदेश की ठंडी फिजाओं में आंदोलन की गर्माहट पैदा करेंगे. किसानों को एकजुट करेंगे. शनिवार को राकेश टिकैत हिमाचल पहुंचे. टिकैत सोलन होते हुए प्रदेश की राजधानी शिमला पहुंचे.

शिमला एक प्रेस वार्ता के दौरान राकेश टिकैत ने कहा कि हिमाचल सरकार को सेब बागवानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए. इस बारे में राज्य सरकार से बात की जाएगी. सेब के दामों में भारी गिरावट पर उन्होंने कहा कि ये बेहद चिंता का विषय है, निजी कंपनियों के साथ सांठगांठ के चलते ये दाम गिर रहे हैं. साथ ही कहा कि हिमाचल में 10 साल पहले इस खेल की शुरूआत हुई, जो अब खूब फल-फूल रहा है. सेब के दाम करने को लेकर टिकैत में अडानी ग्रूप पर भी ताबड़तोड़ हमले किए और कई आरोप लगाए. साथ ही कहा कि बागवानों को राहत देते हुए सरकार को सेब की ढुलाई पर ट्रांसपोर्ट सब्सिडी देनी चाहिए, ताकि बागवानों को कुछ राहत मिल सके. उन्होंने सेब की खरीद के लिए एमएसपी तय करने की वकालत भी की.

अडानी ग्रुप पर टिकैत ने बोला हमला

राकेश टिकैत ने कहा कि हिमाचल में सेब सीजन जोरों पर है और कंपनियां मनमानी पर उतर आई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अदानी समूह सुनियोजित तरीके से सेब के दाम कम करवा रहा है. 10 साल पहले उन्होंने यहां से ये कारोबार शुरू किया था, अडानी ग्रूप बागवानों के सस्ता सेब खरीद रहा है और अब ये कंपनियां खाद्यान्नों पर कब्जा करना चाहती हैं. साथ ही कहा कि इस बारे में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में बताया जाएगा कि किस तरह से सेब बागवानों के कारोबार को प्रभावित किया जा रहा है.

हिमाचल में खड़ा करेंगे आंदोलन

हिमाचल में आंदोलन को लेकर टिकैत ने कहा कि इसको लेकर किसानों-बागवानों से बात की जाएगी और आंदोलन खड़ा किया जाएगा. दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन पर उन्होंने एक फिर से साफ किया कि जब कर केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन चलता रहेगा. राकेश टिकैत ने कहा कि 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत होगी, उसमें अब तक के 9 महीने के आंदोलन की समीक्षा की जाएगी और आगामी रणनीति बनाई जाएगी

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