UP,सरकार ने दिया मदरसा छात्रों को बड़ा तोहफा सेना में नौकरी और विदेश में शिक्षा हासिल करने का सपना होगा पूरा

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UP,सरकार ने दिया मदरसा छात्रों को बड़ा तोहफा सेना में नौकरी और विदेश में शिक्षा हासिल करने का सपना होगा पूरा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने की तरफ से मदरसों से शिक्षा हासिल करने वाले छात्रों को बड़ा तोहफा दिया गया है. सरकार के ताज़ा फैसले के मुताबिक़ अब यूपी मदरसा बोर्ड के छात्र सेना सहित देश की विभिन्न सेवाओं में भर्ती हो सकेंगे। इसके साथ ही मदरसा छात्र अब विदेश में भी उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला पा सकेंगे। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के करीब 17,000 मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को यह बड़ा तोहफा देने जा रही है

दरअसल प्रदेश सरकार के निर्देश पर यूपी मदरसा बोर्ड अब भारतीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड मंडल (COBSE) में रजिस्ट्रेशन कराने जा रहा है। ‘कोब्से’ (COBSE) में रजिस्ट्रेशन न होने की वजह से अभी तक मदरसा बोर्ड के छात्र सेना सहित केंद्र व अन्य राज्य सरकारों की नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पाते हैं।

इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने अपनी बोर्ड बैठक में ‘कोब्से’ से मान्यता लेने का निर्णय लिया है। बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने कोब्से से मान्यता के लिए औपचारिकताएँ पूरी कर आवेदन भी कर दिया है।

आवेदन के साथ उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004, सेवा नियमावली 2016 तथा पाठ्यक्रम का विवरण भी भेजा गया है। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद विधेयक 2004 के तहत मदरसा बोर्ड का गठन साल 2007 में हुआ था।

इसी अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने अशासकीय अरबी और फारसी मान्यता प्रशासन एवं सेवा विनियमावली 2016 बनाई थी। इसी नियमावली से प्रदेश में मदरसों का संचालन एवं प्रबंधन होता है।

कोब्से में रजिस्ट्रेशन होने से मदरसा बोर्ड के छात्र केंद्र सरकार व अन्य राज्यों की सेवाओं के अलावा सेना और पैरा मिलिट्री फोर्स में भर्ती के लिए भी आवेदन कर सकेंगे।
बता दें कि भारतीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड मंडल (कोब्से) भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र संगठन है। सभी राज्यों के स्कूल शिक्षा बोर्ड इससे संबद्ध हैं। कोब्से को भारत सरकार द्वारा साल 1979 से रजिस्टर्ड संगठन के रूप में मान्यता दी गई थी। यह हर राज्य के अधिकृत शिक्षा बोर्ड को अपने यहां पंजीकृत करता है

यूपी मदरसा बोर्ड के सदस्‍य जिरगामुद्दीन ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा है कि पूर्व की सरकारों ने मदरसा छात्रों के हित में कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड से हर साल लाखों की संख्‍या में छात्र पढ़कर बाहर निकलते हैं लेकिन मार्कशीट होने के बाद भी वह केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों में दाखिला नहीं ले पाते हैं क्‍योंकि अन्‍य बोर्डों की तरह मदरसा बोर्ड ‘कोब्से’ में रजिस्‍टर्ड नहीं है। उनका कहना है कि सीएम योगी की चार साल की सरकार में मदरसा छात्रों के काफी काम किए गए हैं, कई बड़े बदलाव मदरसा बोर्ड में देखने को मिले हैं। योगी सरकार का सबसे बड़ा फैसला कोब्से में मदरसा बोर्ड का रजिस्‍ट्रेशन कराने का है।

जिरगामुद्दीन ने कहा कि इससे पहले प्रदेश की योगी सरकार ने मदरसों में NCERT की किताबों को लागू कराने का कार्य किया था ताकि मदरसे के छात्र दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा भी ले सकें

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